क्या भाजपा के लिए ‘बूस्टर डोज़’ सिद्ध होगी यह जीत, जानिए राजनीतिक विश्लेषक की राय - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

Monday, July 5, 2021

क्या भाजपा के लिए ‘बूस्टर डोज़’ सिद्ध होगी यह जीत, जानिए राजनीतिक विश्लेषक की राय

भाजपा भले ही जिला पंचायत चुनावों में विजय से गदगद है लेकिन सरकार और संगठन दोनों के लिए ये नतीजे एक सबक भी दे गए हैं कि बिना कठिन परिश्रम के कुछ भी हासिल होने वाला नहीं। भाजपा के लिए इस तथ्य पर भी नज़र रखना जरूरी होगा कि ये जीत सियासी दलों को रास नहीं आती या यूं कहें इनके नतीजे जनता के मूड का पैमाना नहीं होते। लब्बोलुआब यह कि पार्टी को मिशन-2022 में भी परचम फहराने के लिए कड़ी मशक्कत के साथ ही विपक्ष द्वारा खड़े किए गए मुद्दों की कड़ी चुनौतियों से भी जूझना होगा।

विधानसभा चुनावों तक बरकरार नहीं रहती ये जीत

अगर अतीत में हुए जिला पंचायत चुनावों और कुछ दिन बाद हुए विधानसभा चुनावों पर नज़र डालें तो स्थिति साफ होती है। पिछले जिला पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी को वर्ष 2016 में करीब 63 सीटों पर जीत मिली थी। लगभग डेढ़ साल बाद 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी सिर्फ 47 सीटों पर सिमट गई। कुछ ऐसी ही स्थिति बसपा के साथ वर्ष 2011 में हुए चुनावों में हुई। बसपा को भी जिला पंचायत चुनाव में 57 सीटें मिली थीं लेकिन वर्ष 2012 आते-आते विधानसभा चुनावों में वह 79 सीटों पर रह गई।

राजनीतिक विश्लेषक पूर्व आईजी अरुण कुमार गुप्ता कहते हैं-‘सत्ता में रहते हुए पंचायतों के इस चुनाव में उम्मीदवारों को सत्ता से कुछ पाने की उम्मीद रहती है। फिर भले ही निर्दलीय उम्मीदवार हों या अन्य दलों के सदस्य वे चाहत के फेर में सत्तापक्ष के साथ खड़े हो जाते हैं। इसे विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखना कतई भ्रम में रहने जैसा होगा। इससे जनता के मूड का कोई सही अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता।’