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Sunday, July 11, 2021

उत्तर प्रदेश सरकार आज जारी करेगी नई जनसंख्या नीति, सीएम योगी करेंगे विमोचन, इसके बारे में जानें सबकुछ

उत्तर प्रदेश सरकार आज जारी करेगी नई जनसंख्या नीति, सीएम योगी करेंगे विमोचन, इसके बारे में जानें सबकुछ


विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार रविवार को 2021-2030 के लिए एक नई जनसंख्या नीति की घोषणा करने वाली ही। इस नई नीति में जनसंख्या नियंत्रण में मदद करने वालों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। यह नीति ऐसे समय पर लाई जा रही है जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। यह मुद्दा चुनाव से पहले राज्य के मेन फोकस क्षेत्रों में से एक के तौर पर उभरा है।

विपक्ष ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि वह उत्तर प्रदेश में 'लोकतंत्र की हत्या' करना चाहती है। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक मसौदा यूपी सरकार की वेबसाइट पर पहले ही अपलोड किया जा चुका है और लोगों से 19 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं। यदि अधिनियमित हो जाता है तो यह प्रस्तावित कानून गजट प्रकाशित होने के एक साल बाद लागू हो जाएगा। बता दें कि यूपी की आबादी 220 मिलियन है।
आज सीएम करेंगे नीति का विमोचन

आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति 2021-2030 का विमोचन करेंगे। इस दौरान वे गर्भनिरोधक उपायों की सुलभता बढ़ाने और सुरक्षित गर्भपात के लिए एक उचित प्रणाली प्रदान करने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की गतिविधियों की विधिवत शुरुआत करेंगे। नई जनसंख्या नीति का एक अन्य फोकस एरिया नवजात शिशुओं और मातृ मृत्यु दर को कम करना होगा।

यह होगा मसौदा

नीति के तहत वर्ष 2021-30 की अवधि के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत जारी गर्भ निरोधक उपायों की सुलभता को बढ़ाया जाएगा। सुरक्षित गर्भपात की समुचित व्यवस्था होगी। उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से नवजात व मातृ मृत्यु दर को कम करने और नपुंसकता/बांझपन की समस्या के सुलभ समाधान उपलब्ध कराते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयास भी किए जाएंगे।

नवीन नीति में एक अहम प्रस्ताव 11 से 19 वर्ष के किशोरों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन के अलावा, बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्था करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी विस्तार के लिए गरीबी और अशिक्षा बड़ा कारक है। प्रदेश की निवर्तमान जनसंख्या नीति 2000-16 की अवधि समाप्त हो चुकी है।

नीति में अलग-अलग मानकों पर लक्ष्य निर्धारित

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। जागरूकता प्रयासों के क्रम में उन्होंने स्कूलों में हेल्थ क्लब बनाए जाने के निर्देश भी दिए। साथ ही डिजिटल हेल्थ मिशन की भावनाओं के अनुरूप नवजातों, किशोरों और वृद्धजनों की डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था करने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि नई नीति तैयार करते हुए सभी समुदायों में जनसांख्यकीय संतुलन बनाये रखने का प्रयास होना चाहिए।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अमित मोहन प्रसाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रस्तावित जनसंख्या नीति प्रदेश में एनएफएचएस-04 सहित अनेक रिपोर्ट के अध्ययन के उपरांत तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 की रिपोर्ट जल्द ही जारी होने वाली है। नवीन नीति जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों को तेज करने वाली होगी। इसमें 2026 और 2030 तक के लिए दो चरणों में अलग-अलग मानकों पर केंद्रित लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं।

नौकरी में मिलेगा प्रमोशन

उत्तर प्रदेश सरकार उन कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन), वेतन वृद्धि (इनक्रीमेंट), आवास योजनाओं में रियायतें और अन्य भत्ते देगी जो जनसंख्या नियंत्रण मानदंडों का पालन करेंगे या जिनके दो या उससे कम बच्चे हैं। दो संतानों के मानदंड को अपनाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी सेवा के दौरान दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि, पूरे वेतन और भत्तों के साथ 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश और राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत नियोक्ता (employer) अंशदान कोष में तीन प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।
20 साल तक फ्री मिलेंगी चिकित्सा सुविधा

जो लोग सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और जनसंख्या को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं, उन्हें पानी, आवास, गृह ऋण आदि करों में छूट जैसे लाभ मिलेंगे। यदि किसी बच्चे के माता-पिता या कोई एक नसबंदी का विकल्प चुनता है तो उन्हें 20 साल की उम्र तक मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।