एरिक्सन इंडिया की याचिका पर Supreme Court पहुंचे Anil Ambani

उच्चतम न्यायालय ने 23 अक्टूबर के आदेश में रिलायंस कम्युनिकेशंस को 15 दिसंबर तक एरिक्सन इंडिया का बकाया भुगतान करने को कहा था। उसने कहा था कि देरी से हुए भुगतान पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगेगा।
जब रिलायंस ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था, ‘‘यह इस न्यायालय के ध्यान में लाया जा रहा है कि प्रतिवादी ने आदेश के अनुसार 15 दिसंबर तक या उसके बाद भी अभी तक 550 करोड़ रुपये बकाये का भुगतान नहीं किया है। यह खुले तौर पर अदालत की अवमानना है और इसके लिये उन्हें सजा दी जानी चाहिये।’’
याचिका में कंपनी ने कहा था कि अंबानी और अन्य दो लोगों ने कानूनी प्रक्रिया की अवहेलना की है और न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। कंपनी ने कहा था कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने संपत्तियों की बिक्री की लेकिन प्राप्त राशि से बकाए का भुगतान नहीं किया और उसे अवैध रूप से अपनी जेब में रख लिया।
कंपनी ने अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी के देश छोड़ने पर रोक लगाने की भी गृह मंत्रालय से मांग की है।
Reliance Communication (RCom) chairman Anil Ambani has reached the Supreme Court to appear in a contempt petition filed by Ericsson India over not clearing its dues of Rs 550 crore after selling its assets to Reliance Jio. (file pic)