कश्मीर में विश्वास बहाली की तरफ कदम बढ़ाना चाहते अमित शाह

शाह के दौरे से पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान कि हुर्रियत बातचीत को तैयार हैं और हुर्रियत नेताओं की तरफ से भी साकारात्मक रवैये से साफ हैं कि अमित शाह विश्वास बहाली की तरफ कदम बढ़ाने का संदेश दे सकते है।
कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के दौरान शाह रियासत के राज्यपाल के अलावा प्रशासनिक व सुरक्षा बलों के अधिकारियों से रियासत में कानून व्यवस्था की स्थिति खासतौर से श्री अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण करवाने के प्रबंधों पर ही ज्यादातर चर्चा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में पहली बार जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे शाह के श्री अमरनाथ यात्रा के करीब रियासत से जुड़े विवादित मुद्दों पर ज्यादा हवा देने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में वर्तमान दौरे को श्री अमरनाथ यात्रा व कानून व्यवस्था की समीक्षा की नजर में ही ज्यादातर देखा जा रहा है।
हालांकि प्रदेश भाजपा के अलावा प्रशासनिक व सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लोगों से फीड बैक लेकर केंद्रीय गृह मंत्री विवादित मुद्दों को श्री अमरनाथ यात्रा खत्म होने तक का इंतजार करना चाहते हैं।
सरपंचों व पंचों का तीस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शाह से मिलेगा
राज्य में निर्वाचित सरपंचों व पंचों के प्रमुख संगठन आल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस का तीस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वीरवार रात आठ बजे श्रीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेगा।
कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा के अनुसार रियासत के सभी संभागों से तीस सदस्यीय प्रतिनिधि श्रीनगर पहुंच चुके हैं और वीरवार को केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का समय मिल चुका है।
उनके अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री से रियासत में संविधान के 73वें संशोधन को पूरी तरह से लागू करने, ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव करवाने की मांग की जाएगी।
उनका कहना हैं कि निर्वाचित सरपंचों व पंचों की सुरक्षा मजबूत करने के अलावा मानदेय की जगह वेतन का प्रावधान करने और पंचायत विकास फंड का प्रावधान करने की मांग भी की जाएगी।