महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव की तारीखों का एलान आज, 12 बजे आयोग की प्रेस कांफ्रेंस - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

Saturday, September 21, 2019

महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव की तारीखों का एलान आज, 12 बजे आयोग की प्रेस कांफ्रेंस

महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव की तारीखों का एलान आज, 12 बजे आयोग की प्रेस कांफ्रेंस

चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
चुनाव आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : bharat rajneeti

खास बातें

  • हरियाणा और महाराष्ट्र में सरकार के पांच साल पूरे, इन राज्यों में जल्द होंगे चुनाव
  • तारीखों के एलान के साथ ही दोनों राज्यों में लागू हो जाएगी आदर्श आचार संहिता
  • राजनीतिक पार्टियों के खर्च की निगरानी के लिए नियुक्त किए गए हैं 110 पर्यवेक्षक
महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान आज होगा। आज दोपहर 12 बजे चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस है। संभावना जताई जा रही है कि दोनों राज्यों में अक्तूबर में चुनाव शुरू हो जाएंगे। आज चुनाव का शेड्यूल जारी होगा और आज से ही दोनों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। 

चुनाव के तारीखों की घोषणा होते ही दोनों राज्यों में शुक्रवार से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद वर्तमान सरकार न तो कोई नई घोषणा कर सकेगी और ना ही कोई नई योजना लागू कर पाएगी। इसके अलावा सरकार के अपने अधिकार का प्रयोग कर मतदाताओं को लुभाने या किसी भी तरह से प्रभावित करने पर भी रोक रहेगी। 

खर्च पर नजर रखने को 110 आईआरएस अधिकारी नियुक्त

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए खर्चे पर नजर रखने के वास्ते आयकर विभाग के 110 आईआरएस अधिकारियों को नियुक्त किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इन पर्यवेक्षकों को इन दो राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान काले धन के इस्तेमाल और अन्य गैरकानूनी लोभ के इस्तेमाल की जांच करने का काम दिया जाएगा। 

केंद्रीय चुनाव आयोग ने यहां 23 सितंबर को इन अधिकारियों को बुलाया है, जहां उन्हें इस संबंध में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से इन अधिकारियों को उनके प्रभार से मुक्त करने के लिए कहा ताकि उन्हें चुनावी ड्यूटी में लगाया जा सके।