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Tuesday, October 15, 2019

महाराष्ट्र : दाऊद इब्राहिम से संबंधों को लेकर भाजपा ने एनसीपी पर किया जोरदार हमला

महाराष्ट्र : दाऊद इब्राहिम से संबंधों को लेकर भाजपा ने एनसीपी पर किया जोरदार हमला

प्रफुल्ल पटेल (फाइल फोटो)
प्रफुल्ल पटेल (फाइल फोटो) - फोटो : bharat rajneeti
शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के आतंकी दाऊद इब्राहिम के साथ रिश्तों को लेकर भाजपा ने जोरदार हमला बोला है। दाऊद के सहयोगी इकबाल मिर्ची और एनसीपी के प्रमुख नेता प्रफुल्ल पटेल की कंपनी के बीच मुंबई में एक जमीन के समझौते का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इसकी जांच कर रहा है।  हालांकि महाराष्ट्र के राजनितिक गलियारों में दाऊद इब्राहिम से एनसीपी के संबंधों की चर्चा दबी जुबान में होती रही है परंतु यह पहला मौका है, जब खुल कर बात सामने आई है। विधानसभा चुनाव में यह मामला एनसीपी को भारी पड़ सकता है। भाजपा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ कर एनसीपी से पूछा है कि क्या यह सिर्फ जमीन का सौदा है या बात इससे कहीं अधिक थी।

'एनसीपी बताए उसका दाऊद से क्या लिंक है'

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मीडिया में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और डी कंपनी को लेकर बड़ा खुलासा आ रहा है। महाराष्ट्र की पूर्व कांग्रेस-एनसीपी सरकार तथा केंद्र की यूपीए सरकार के समय में पटेल और डी-कंपनी के आदमी के बीच कारोबारी समझौता हुआ। दाऊद आतंकी सरगना है। आखिर, उसका और एनसीपी का क्या लिंक है? 

पात्रा ने कहा कि देश दाऊद इब्राहिम और एनसीपी के संबंधों को जानना चाहता है। संपत्ति के हलफनामे पर प्रफुल्ल पटेल के हस्ताक्षर को देखकर कहा जा सकता है कि कोई लिंक जरूर है। पात्रा ने कहा, डील 2004 में शुरू हुई और 2007 में पूरी हुई। इसका मतलब है कि इसके पीछे कोई ऐसी साजिश थी, जिससे महाराष्ट्र और देश की सुरक्षा को खतरा था।

'क्या कांग्रेस अब भी एनसीपी से गठबंधन जारी रखेगी'

संबित पात्रा ने कहा, मैं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी पूछना चाहूंगा कि क्या उनकी पार्टी इसके बाद एनसीपी से गठबंधन जारी रखेगी। क्या पटेल के इस सौदे की जानकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को थी और क्या यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी ने एनसीपी-दाऊद लिंक को छुपाने की कोशिश की थी। कांग्रेस का एनसीपी से गठबंधन है और एनसीपी के अंडरवर्ल्ड से संपर्क हैं।

क्या है मामला

आरोप है कि प्रफुल्ल पटेल के परिवार द्वारा प्रमोटेड कंपनी मिलेनियम डेवलपर्स और मिर्ची के नाम से कुख्यात दिवंगत इकबाल मेमन के बीच सौदा हुआ था। इसमें मिर्ची और इस प्राइवेट कंपनी ने मिलकर 15 मंजिली इमारत सेजे हाउस बनाई थी। मिर्ची की जमीन थी और बदले में 2007 में इमारत बनाने वाली कंपनी ने उसे 14 हजार वर्गफुट के तीसरी-चौथी मंजिल के फ्लैट दिए थे। 

ईडी का अनुमान है कि यहां के तीन फ्लैट बेचकर मिर्ची ने 2010 में दुबई में एक होटल खरीदा था। ईडी ने मिर्ची द्वारा अपराध के धन से कमाई 36 संपत्तियों को भारत, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन में चिन्हित किया है। प्रफुल्ल पटेल और उनकी पत्नी मिलेनियम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के शेयरहोल्डर हैं। इस इमारत की 12वीं मंजिल पटेल और उनकी पत्नी की बताई जा रही है।

एनसीपी ने पूरे मामले को गलत बताया

एनसीपी ने पूरे मामले को गलत बताते हुए कहा है कि पटेल परिवार ने इमारत निर्माण वाली जगह 1963 में ग्वालियर के महाराज से खरीदी थी। 1978 से 2005 तक विभिन्न दावेदारों के कारण प्रॉपर्टी कोर्ट रिसीवर के पास थी। इस दौरान कुछ लोग अवैध तरीके से वहां बस गए थे। जब बिल्डिंग बनी तो हाइकोर्ट के आदेश से उन लोगों को तीसरे माले पर बसाया गया। सेजे हाउस किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। इस संबंध में सारे दस्तावेज और कोर्ट आर्डर सुरक्षित हैं।