रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा- सीडीएस की नियुक्ति में हो रही थी देरी - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

Tuesday, January 14, 2020

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा- सीडीएस की नियुक्ति में हो रही थी देरी


आज चौथा सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर राजस्थान के जयपुर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने का श्रेय जवानों को दिया।

1965 और 1971 युद्ध के स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन का दिया प्रस्ताव

सेनाध्यक्ष नरवणे ने कहा, 'सेनानिवृत्ति के बाद भी भूतपूर्व सैनिक अलग-अलग क्षेत्रों के जरिए राष्ट्र निर्माण में व्यस्त रहते हैं। दिग्गजों का कल्याण हमेशा हमारी प्राथमिकता रहा है। पिछले साल, हमने 240 अधिकारियों और 11,500 जेसीओ को सेनानिवृत्ति के बाद नौकरी पाने में मदद की।'

सेनाध्यक्ष ने कहा, 'हम महिलाओं को कॉर्प्स मिलिट्री पुलिस में शामिल कर रहे हैं। कुल 1700 महिलाएं कॉर्प्स मिलिट्री पुलिस में शामिल की जाएंगी। इस साल छह जनवरी से 101 महिलाओं का प्रशिक्षण पहले ही शुरू हो चुका है। सेना ने प्रस्ताव दिया है कि 1965 और 1971 युद्ध के स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन दी जाए।'

मीडिया में सेवाओं की बनाएं सकारात्मक छवि

कार्यक्रम में नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा, 'यह सूचना युग है और जब बहुत सारी अच्छी जानकारी साझा की जाती है। मगर कई बार सेवाओं को लेकर मिथक और गलत धारणाएं सोशल मीडिया पर दिख जाती हैं।'

एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा, 'आप सभी से मेरा अनुरोध है कि कृपया समाज में अपने सम्मान का उपयोग करें और यदि कुछ गलत धारणा या मिथक फैले हुए हैं तो कृपया सुनिश्चित करें कि आप मीडिया में सेवाओं की सकारात्मक छवि पेश करें।'

मेरे रक्षा मंत्री बनने के बाद हुई सीडीएस की नियुक्ति

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'यदि भारत आज सुरक्षित है तो न केवल सीमाएं बल्कि देश की एकता भी सुरक्षित है, इसका पूरा श्रेय आप जैसे बहादुर लोगों, सशस्त्र बलों के जवानों को जाता है।'

रक्षा मंत्री ने कहा, 'पिछले 20-21 सालों से बातचीत की जा रही थी कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होना चाहिए। लेकिन जैसे ही मैं रक्षा मंत्री बना मैंने इसे लेकर प्रधानमंत्री से बात की। उन्होंने एक पल का भी इंतजार नहीं किया और इसके लिए हां कर दी।'