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Wednesday, October 16, 2019

ईडी अधिकारियों ने तिहाड़ में पी चिदंबरम से की पूछताछ, बेटा और पत्नी भी थे मौजूद

ईडी अधिकारियों ने तिहाड़ में पी चिदंबरम से की पूछताछ, बेटा और पत्नी भी थे मौजूद

ईडी अधिकारी पी चिदंबरम से पूछताछ के लिए तिहाड़ पहुंच गए हैं
ईडी अधिकारी पी चिदंबरम से पूछताछ के लिए तिहाड़ पहुंच गए हैं - फोटो : bharat rajneeti

खास बातें

  • आईएनएक्स मीडिया केस: ईडी ने की आधे घंटे पूछताछ, जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी संभव।
  • कार्ति और नलिनी चिदंबरम भी तिहाड़ पहुंचे थे।
  • चिदंबरम अबतक हिरासत में काट चुके हैं 55 दिन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बुधवार को तिहाड़ जेल पहुंचे। जहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से आधे घंटे पूछताछ की। मंगलवार को विशेष अदालत ने ईडी के तीन अधिकारियों को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम से पूछताछ की अनुमति दी थी। पूर्व मंत्री के बेटे कार्ति और पत्नी नलिनी चिदंबरम भी तिहाड़ पहुंचे थे। गौरतलब है कि चिदंबरम सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 17 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। 21 अगस्त को गिरफ्तारी से लेकर अबतक चिदंबरम हिरासत में 55 दिन काट चुके हैं।  

मंगलवार को कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो एजेंसी पूछताछ के बाद चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकती है। इसी बीच, चिदंबरम ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर जमानत देने की मांग की है।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार ने मंगलवार को ईडी की याचिका पर उसे सुबह 8.30 बजे के बाद आधे घंटे के लिए चिदंबरम से पूछताछ की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा कि एजेंसी पहले पूछताछ करे और जरूरी हो तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। हालांकि गिरफ्तार करने से पहले उसे इसका आधार बताना होगा। इससे पहले ईडी ने कोर्ट में ही चिदंबरम से पूछताछ करने और गिरफ्तारी की मांग की थी। जिसपर चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह तरीका सही नहीं है। एक व्यक्ति की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। लिहाजा एजेंसी को जेल में उनसे पूछताछ करनी चाहिए। कोर्ट ने सिब्बल की दलील को स्वीकार करते हुए जेल में पूछताछ की इजाजत दे दी थी। 

वहीं, कोर्ट ने 10 अक्तूबर को जारी प्रोडक्शन वारंट रद्द करने की चिदंबरम की अर्जी खारिज कर दी। अर्जी में कहा गया था कि प्रोडक्शन वारंट करने से पहले कोर्ट ने उनका पक्ष नहीं जाना। इसलिए यह कानूनी रूप से गलत है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। 

जेल में रखकर अपमानित करना चाहती है सीबीआई

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर कहा कि सीबीआई उन्हें जेल में रखकर अपमानित करना चाहती है। जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री या उनके परिवार पर मामले में किसी भी गवाह से संपर्क करने या उसे प्रभावित करने का कोई आरोप नहीं है। इसके अलावा वित्तीय घाटे या फंड की हेराफेरी का भी कोई आरोप नहीं है। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनेगा। वहीं, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर जमानत याचिका का विरोध किया है। जांच एजेंसी ने कहा कि जमानत देना शीर्ष अदालत की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ और भ्रष्टाचार के मामलों में ‘गलत मिसाल’ स्थापित करने वाला होगा।