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Thursday, October 10, 2019

मेयर स्तर का था कार्यक्रम, इसलिए केजरीवाल के दौरे को नहीं दी मंजूरी : जावड़ेकर

मेयर स्तर का था कार्यक्रम, इसलिए केजरीवाल के दौरे को नहीं दी मंजूरी : जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर (फाइल फोटो)
प्रकाश जावड़ेकर (फाइल फोटो) - फोटो : bharat rajneeti
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को डेनमार्क जाने की अनुमति नहीं देने के अपने फैसले का केंद्र सरकार ने बचाव किया है। सरकार का कहना है कि कोपेनहेगन में आयोजित समारोह मेयर के स्तर का था, इसलिए केजरीवाल को उसमें शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। मालूम हो कि जलवायु परिवर्तन पर डेनमार्क के कोपेनहेगन में नौ से 12 अक्तूबर के दौरान सी-40 पर्यावरण सम्मेलन हो रहा है, जिसमें केजरीवाल आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शिरकत करने वाले थे। 
केजरीवाल के डेनमार्क दौरे से संबंधित एक सवाल के जवाब में केद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि यह एक मेयर स्तर की कॉन्फ्रेंस है और इसमें पश्चिम बंगाल के एक मंत्री शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार सीएम के लिए अलग प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है और विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाए जाने की बात सही नहीं है। 

दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल को कोपेनहेगन में होने वाले सी-40 पर्यावरण सम्मेलन में भाग लेने के लिए मंगलवार दोपहर दो बजे जाना था, लेकिन विदेश मंत्रालय की मंजूरी न मिलने के कारण वह फ्लाइट नहीं पकड़ सके। 

आप का भाजपा व केंद्र सरकार पर हमला

आम आदमी पार्टी ने कोपेनहेगन में आयोजित जलवायु शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अनुमति नहीं देने को दिल्लीवालों का अपमान करार दिया है। पार्टी का कहना है कि इससे पहले इसी सम्मेलन में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शिरकत की थी। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली सरकार के अच्छे कामों से केंद्र सरकार डर गई है। साथ ही चेतावनी दी है कि पार्टी इस मुद्दे को आम लोगों के सामने उठाकर भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करेगी।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को विदेश जाने की सियासी मंजूरी नहीं दी गई थी। सिंह ने सवाल किया कि आखिर दिल्ली सरकार और केजरीवाल के काम से भाजपा क्यों डरती हैं? 

आप नेता राघव चड्ढा का कहना है कि प्रकाश जावड़ेकर प्रमुख शहरों और राज्यों के प्रशासनिक ढांचे से स्पष्ट रूप से अनभिज्ञ हैं। मसलन, 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन तत्कालीन दिल्ली की मुख्यमंत्री ने किया था, जबकि अन्य प्रमुख शहरों में इसका उद्घाटन महापौर ने किया था। कोपेनहेगन के सी 40 जैसे बहुपक्षीय शिखर अपने आमंत्रित अतिथियों को सावधानीपूर्वक चुनते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रकाश जावड़ेकर यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि वह इस शिखर सम्मेलन के आयोजकों से अधिक जानते हैं, जबकि इसमें लगभग 100 प्रमुख शहर हिस्सा ले रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने भी दिया बयान

अरविंद केजरीवाल और सात अन्य लोगों के डेनमार्क जाने के आवेदन को मंजूरी नहीं मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान जारी कर कहा कि, हमें हर महीने राजनीतिक मंजूरी के लिए सैकड़ों अनुरोध मिलते हैं। विदेश मंत्रालय का निर्णय कई सूचनाओं पर आधारित होता है। इसमें सम्मेलन की प्रकृति का भी ध्यान रखा जाता है, जहां व्यक्ति भाग लेने जा रहा है। साथ ही अन्य देशों की भागीदारी के स्तर, आमंत्रण का प्रकार, आदि को ध्यान में रखकर मंजूरी दी जाती है।

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि, एक पैनल चर्चा में एक वक्ता के रूप में दिल्ली के मुख्यमंत्री की भागीदारी अन्य देशों से भागीदारी के स्तर के अनुरूप नहीं थी। केजरीवाल दुनिया के सबसे बड़े और आबादी वाले शहरों में से एक और भारत की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। इसलिए उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की सलाह दी गई।